प्रबंध निदेशक का संदेश

संक्षेप में | मिशन-स्टेटमेंट | प्रबंध निदेशक का संदेश | कोंकण रेलवे मानचित्र | संगठनात्मक चार्ट | सूचना का अधिकार अधिनियम | यू एन. ओ. का ग्लोबल कॉम्पेक्ट | प्रबंधन

 

प्रिय साथियो,

 
             कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड खासतौर पर तो कोंकण क्षेत्र की और बड़े पैमाने पर राष्ट्र की भी जीवन रेखा है। इस प्रकार लाखों ग्राहकों, चाहे वे यात्री हों, बॉण्ड्धारक हों या इस रेल लाइन के आस-पास रहने वाली आम जनता हो, उनका विश्वास और भरोसा इस निगम की समृध्दि के साथ जुड़ा हुआ है। इसी लिए मुझे इस संगठन के प्रमुख होने का अत्यंत हर्ष एवं गर्व है।             

              परिचालन चरण के 11 वर्ष पूरे होने के साथ ही हम नए मील-स्तंभ बनाते हुए और दक्षता के नए मानदंड स्थापित करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। अपने परिचालन के पहले वर्ष अर्थात् 1999-00 में हम माल ढुलाई से 20.4 करोड़ रुपए और यात्री सेवाओं से केवल 98 करोड़ रुपए का ही अर्जन कर सके थे। वर्ष 2008-09 के दौरान माल-ढुलाई से 309 करोड़ रुपए और यात्री संवाओं से 248 करोड़ रुपए का अर्जन होने से हमें एक नया हौंसला मिला है। अपने परिचालन के पहले वर्ष से ही परिचालन अधिशेष हासिल होने के कारण हम अपने बाण्डस की राशि चुकाने याग्य भी बन सके। हमने अभी तक 228 करोड़ रुपए मूल्य के बाण्डस का भुगतान किया है। हमारा ध्यान यात्रियों पर पूरी तरह से केंद्रित है और हम उनके लिए सुविधाओं को लगातार बेहतर बना रहे हैं। कई स्टेशनों पर ऊपरी पैदल पुल, हाई लेवल प्लेटफॉर्म शेल्टर जैसी यात्री सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। हम ढलानों को मजबूत बनाने तथा रॉक-बोल्टिंग, शॉर्ट-क्रेटिंग के जरिए अपनी सुरंगों को और अधिक सुरक्षित बनाने जैसे भू-संरक्षा कार्य भी पूरे कर रहे हैं। हमने पूरे कोंकण रेल मार्ग पर मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए ढलानों पर 29 लाख से अधिक वेटिवर घास के पौधे भी लगाए हैं। हमारे लिए यात्रियों की संरक्षा और सुरक्षा का सबसे अधिक महत्व है। इसी लिए हमने हाल ही में मडगांव और थिविम स्टेशनों पर सी.सी.टी.वी. और मैटल डिटैक्टर भी लगाए हैं। मुझे यह बताते हुए भी प्रसन्नता है कि पिछले तीन वर्षों में कोई दुर्घटना घटित नहीं हुई है।


              समृध्दि में कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम होती है तथा वे प्रशासन की रीढ़ होते हैं। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया है। पिछले वर्ष 15 कर्मचारियों को सिंगापुर और मलेशिया में एक सप्ताह के प्रशिक्षण पर भेजा गया था। हम अपने कर्मचारियों के प्रशिक्षण और विकास को सबसे अधिक अहमियत देना जारी रखेंगे। एक कल्याण उपाय के रुप में कर्मचारियों और उनके परिवारजनों की छुपी हूई प्रतिभा को उजागर करने के लिए विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है।


              आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सी.सी.ई.ए) व्दारा 4.12.2008 को कोंकण रेलवे के वित्तीय पुनर्संरचना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। इस वित्तीय पुनर्संरचना से कोंकण रेलवे का शुध्द लाभ तथा ऋण-ईक्विटी अनुपात बेहतर होगा तथा जल्दी ही यह मुनाफा कमाने वाला संगठन भी बन सकेगा।


              कोंकण रेलवे द्वारा जम्मू और कश्मीर परियोजना, भारतीय रेल पर ए.सी.डी. तथा टेलीमेडिसिन परियोजनाओं पर जो कार्य शुरु किया है उन्हें राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। कोंकण रेलवे को अपनी अभिनव पहल पर भारत और विदेशों में ए.सी.डी. तथा स्काई बस के लिए कई पेटेंट प्रदान किए गए हैं। हर साल कोंकण रेलवे टाटा मैमोरियल अस्पताल के कैंसर पीड़ित बच्चों के मुंबई से गोवा और वापसी भ्रमण की व्यवस्था करती है। हमारे इस सदप्रयास की सभी ने सराहना की है। हमारा उद्देश्य है-"सादर सेवा"और हम कोंकण रेलवे को एक प्रभावशाली एवं जीवंत संगठन बनाने के उद्देश्य से बेहतर भविष्य के लिए सफलता की नई बुलंदियों को छूने के लिए अथक प्रयासों से अपने ग्राहकों को विनम्रता और मुस्कान के साथ सेवाएं प्रदान करते हैं। हमारी वेबसाइट देखने के लिए आपको धन्यवाद, यदि आप कोई मूल्यवान सुझाव देना चाहते हैं तो हमें esmd@konkanrailway.gov.in  पर ई-मेल भेजने में संकोच न करें क्योंकि आपके सहयोग के बिना हमारी सफलता अधूरी है !


 

जय हिंद!

 

 ( भानु प्रकाश तायल )
प्रबंध निदेशक