| संक्षेप में | मिशन-स्टेटमेंट | प्रबंध निदेशक का संदेश | कोंकण रेलवे मानचित्र | संगठनात्मक चार्ट | सूचना का अधिकार अधिनियम | यू एन. ओ. का ग्लोबल कॉम्पेक्ट | प्रबंधन |
| संयुक्त राष्ट्र संघ का ग्लोबल कॉम्पेक्ट कार्यक्रम |
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अक्तूबर, 2001 में कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ग्लोबल कॉम्पेक्ट में शामिल हु्ई और इस कॉम्पेक्ट के दस सिध्दांतों पर हस्ताक्षर किए। इस कॉम्पेक्ट को संगठनों व्दारा अपनी रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करने और अपनी सामाजिक जिम्मेवारियों को निभाने लिए की जाने वाली कार्रवाई में सहायता करने के लिए तैयार किया गया है। यह बढ़ते हुए व्यवसाय का आंदोलन है जो स्थानीय और वैश्विक मिले-जुले मूल्यों और वचनबध्दताओं को अपने में समेट रहा है। कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ग्लोबल कॉम्पेक्ट के सिध्दांतों को लागू करने के लिए कुछ अलग कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित कर रही है जिनमें रोजगार के संबंध में भेद-भाव उन्मूलन, पर्यावरण संबंधी महती जिम्मेवारियां और पर्यावरण के अनुकूल टेक्नोलॉजी विकसित करना प्रमुख हैं। |
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इन सिध्दांतों से आगे बढ़ कर कोंकण रेलवे व्दारा उन भूमिहीनों को भी निगम में रोजगार, व्यावसायिक अवसर प्रदान करने में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है जिन्हें इस रेल लाइन के निर्माण में अपनी जमीन से वंचित होना पड़ा था। कोंकण रेलवे के कर्मचारियों को मान्यता प्राप्त यूनियन के माध्यम से जिसे कर्मचारियों व्दारा गुप्त मतदान की प्रजातंत्रात्मक प्रक्रिया व्दारा स्वयं चुना जाता है, सामूहिक हित में तोल-मोल करने और एसोशिएशन बनाने की पूरी स्वतंत्रता है। कोंकण रेलवे व्दारा स्टेशनों पर प्लास्टिक के सामानों का प्रयोग न करने का संकल्प लिया गया है। |
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कर्मचारियों को अपना कार्य-निष्पादन बेहतर बनाने के लिए स्वयं सीखने एवं बहुविध कुशलता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। एक छोटा संगठन होने के कारण प्रशिक्षत और भरोसेमंद जन-शक्ति का उपलब्ध होना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। |
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कोंकण रेलवे ने इस रेल लाइन के निर्माण के दौरान से ही गहरी कटिंगों, सुरंगों आदि का विकल्प चुन कर यह सुनिश्चित करने में कि पर्यावरण को कम से कम क्षति पहुंचे, कई पूर्व- सावधानियां बरती हैं। जंगलों की हानि रोकने के लिए लकड़ी के स्लीपरों की जगह कंक्रीट स्लीपर लगाए गए तथा तटबंधों को यंत्रीकृत रुप से न्यूनतम आर्द्रता के लिए तैयार किया गया है जिससे मिट्टी के क्षरण को रोका जा सके। कोंकण रेलवे व्दारा पर्यावरण के अनुकूल टेक्नोलॉजी जैसे स्काई बस और स्टेशनों की इंटेलीजेंट लाइटिंग आदि भी विकसित का गई हैं जो लंबे समय तक ऊर्जा प्रदूषण को रोक कर ऊर्जा का संरक्षण करेंगी। जम्मू और कश्मीर परियोजना में स्थानीय ग्रेजुएट इंजीनियरों की कंपनी गठित कर उन्हें निर्माण के काम का कुछ हिस्सा सौंपा गया है जिससे वे इसे रोजगार समझ कर ज्ञान और कुशलता अर्जित कर सकें। इस परियोजना से प्राप्त अनुभव से उन्हें आगे अपने राज्य का विकास करने में बल मिलेगा। |
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इस प्रकार, कोंकण रेलवे संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर आधारित सिध्दांतों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबध्द है तथा बेहतर अभिशासन और कॉर्पोरेट सामाजिक मूल्यों में भागीदारी रखते हुए इस विश्व स्तरीय कॉम्पेक्ट का हिस्सा बनने में गर्व महसूस करती है। |
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कोंकण रेलवे अक्तूबर, 2001 में ग्लोबल कॉम्पेक्ट में शामिल हुई थी और तभी से हम विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए दिन-प्रतिदिन के कार्य में सच्चे रुप से इन सिध्दांतों को लागू करने के लिए पूर्णतः प्रतिबध्द रहे हैं। वर्ष 2004 में ग्लोबल कॉम्पेक्ट के सिध्दांतों पर आगे की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट हमारी वैबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है फिर भी, उसका सार नीचे दिया गया हैः- |
| सिध्दांत-1 को लागू करने के लिए- उन भूमिहीनों के हितों को और अधिक सुरक्षित बताते हुए, जिन्होंने इस रेल लाइन के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थीं ऐसे भूमिहीनों से आवेदन-पत्र मंगा कर और केवल आवेदकों की स्क्रीनिंग के बाद विभिन्न वर्गों में 1447 नौकरियों के रुप में उन्हें रोजगार दिया जा रहा है। |
| निगम की महिला कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए यौन- उत्पीड़न से संबंधित मामलों को देखने और लिंग आधार पर इंसाफ के लिए परामर्शी के रुप में निगम की एक महिला निदेशक के अधीन एक निगरानी समिति गठित की गई। |
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सिध्दांत- 2 को लागू करने के लिए – कोंकण रेलवे के सभी कर्मचारियों के कार्य के घंटों को अधिकतम 8 घंटे के ड्यूटी रोस्टर में बदला गया है जिससे वे अपने परिवार के सदस्यों के लिए समय दे सकें और एक खुशनुमा सामाजिक जीवन जी सकें। इसे निगम की भारी लागत पर पूरा किया गया है जिससे नौकरी के प्रति संतोष और कर्मचारियों के बीच वफादारी की भावना सुनिश्चित की जा सके। |
| निगम की मान्यता प्राप्त यूनीयन को सभी सुविधाएं जैसे फर्नीचर के साथ कार्यालय की जगह विभिन्न बैठकों में भागलेने तथा प्रबंधन के साथ बात-चीत हेतु यात्रा के लिए विशेष छुट्टी और मुफ्त पास प्रदान किया जाता है। |
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सिध्दांत -3 भारत की अनुसूचित जाति और जन जातियों के संवैधानिक अधिकारों को मान्यता देते हुए उनके संगठन आल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट एंड शेड्यूल्ड ट्राइब्स रेलवे एम्प्लाइज एसोशिएशन को भी मान्यता प्रदान की गई है जिसके व्दारा उन्हें प्रबंधन के साथ बैठक करने और इन समुदायों की शिकायतों का शीघ्र निवारण करने के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। |
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सिध्दांत -4 को लागू करने के लिएः दोबारा उत्पन्न की जा सकने वाली ऊर्जा के संरक्षण के लिए निगम व्दारा अपने स्टेशनों पर इंटेलीजेरंट लाइटिंग की धारणा को विकसित किया गया है, जिसे कंप्यूटरीकृत प्रणाली व्दारा अपेक्षित स्तर से ऊंचा बनाया गया है, इससे ऊर्जा की भारी बचत की जा रही है। कोंकण रेलवे व्दारा स्काई बस एम.आर.टी. की धारणा के लिए पेटेण्ट लिया गया है जो बड़े शहरों की भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर बहुत कम स्थान लेने वाली एक पर्यावरण के अनुकूल प्रणाली है और यातायात में कम से कम बाधा पहुंचाते हुए, एक तेज, सुरक्षित, आरामदेह द्रुतगति वाली जन-परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराती है। |