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यदि जनता / रेल उपयोगकर्ताओं का कोंकण रेलवे के किसी भी विभाग में कदाचार या भ्रष्टाचार की स्थिति से सामना होता है तो कृपया ऊपर बताए गए अधिकारियों को सूचित कीजिए। हमें मदद मिलेगी यदि आप सभी संबंधित विवरण जैसे गाड़ी का ब्यौरा, स्थान, समय, तारीख और संबंधित कर्मचारी का पदनाम, गवाह का नाम और पता आदि भी बताते हैं। शिकायतकर्त्ता अपने नाम और पते के साथ जानकारी डाक या ई-मेल के जरिए मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेज सकते हैं। यदि शिकायतकर्त्ता मौखिक रुप से भी जानकारी देना चाहते हैं तो वह व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होकर ऐसा कर सकते हैं। उनकी जानकारी को गुप्त रखा जाएगा लेकिन निगम जांच पूछ-ताछ के दौरान सबूत पेश करने के लिए आपसे सहयोग की मांग कर सकता है जिससे दोषी को दंडित करने सें मदद मिलेगी।
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सतर्कता का दृष्टिकोण क्या है ?
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मुख्य सतर्कता आयुक्त द्वारा सतर्कता दृष्टिकोण की एक संशोधित परिभाषा दी गई है जिसका निष्कर्ष निम्नलिखित कार्यों से निकाला जा सकता हैः-
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(क) किसी सरकारी काम के लिए कानूनी पारिश्रमिक के अलावा प्रलोभन की मांग या उसे स्वीकार करना या दूसरे किसी अधिकारी पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना । |
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(ख) किसी ऐसे व्यक्ति से जिससे सरकारी काम पूरा होता हो या पूरा होने की आशा हो या उसके अधीनस्थों का सरकारी काम होता हो या जहां वह प्रभाव का इस्तेमाल कर सकता है उससे सोच-समझ कर या बिना सोचे-समझे मूल्यवान वस्तुएं लेना । |
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(ग) भ्रष्ट और गैर-कानूनी तरीके से अपने लिए या किसी दूसरे व्यक्ति के लिए मूल्यवान वस्तु या आर्थिक लाभ लेना या लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरूपयोग करना । |
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(घ) आय के घोषित स्रोतों से अधिक परिसंपत्तियां रखना । |
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(ङ) गबन, जालसाजी या ठगी अथवा ऐसे आपराधिक मामले । |
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इनके अलावा, कुछ अनियमितता हैं जो पाई जाने पर सतर्कता दृष्टिकोण में आती हैं- उनमें से कुछ इस प्रकार हैः-
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(क) कर्मचारी की सत्यनिष्ठा संदिग्ध होना ।
(ख) बड़ी या जान-बूझ कर बरती गई लापरवाही ।
(ग) निर्णय लेने में असावधानी ।
(घ) प्रणाली और प्रक्रिया का घोर उल्लंघन ।
(ङ) विवेक का आवश्यकता से अधिक प्रयोग |
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